सोमवार, 25 अगस्त 2025

गणेश

 हर गली हर सड़क हर बिल्डिंग लिए एक भेष

आ गए हैं मुंबई की धड़कन, ऊर्जा लिए गणेश


अति विशाल अति भव्य झांकिया समय संभव

अति विशाल महानगरी देखता न कभी पराभव

एक दिवसीय, दस दिवसीय अर्चना अति विशेष

आ गए हैं मुंबई की धड़कन, ऊर्जा लिए गणेश


मुम्बई, नवी मुंबई अब तीसरी आ रही है मुम्बई

विस्तार है स्वीकार है सत्कार है हर कल्पना नई

गणपति बप्पा में है डूबा महाराष्ट्र का पूर्ण परिवेश

आ गए हैं मुंबई की धड़कन, ऊर्जा लिए गणेश


अपने घर में पधारे गणेश जी की प्रथम अर्चना

फिर मुंबई में भ्रमण कर रात्रिभर गणेश कल्पना

वक्रतुंड महाकाय का आशीष करें निर्मूलन क्लेश

आ गए हैं मुंबई की धड़कन, ऊर्जा लिए गणेश।


धीरेन्द्र सिंह

26.08.2025

11.46

दौर के दौड़

 दौर के दौड़ में हैं थक रहे पाँव

गौर से तौर देखे कहाँ तेरा गांव


एक जगत देखूं है ज्ञानी अभिमानी

एक जगत निर्मल निर्मोही जग जानी

जिससे भी पता पूछूं ना जानें ठाँव

गौर से तौर देखे कहाँ तेरा गांव


वह जो पुकार हृदय में रही गूँज

उभरते भाव रहे कामना को पूज

और कितना दौड़ना कहां है छांव

गौर से तौर देखे कहां तेरा गांव


पथ भी अनेक विभिन्न रंग के राही

हर पथ गूंजता करता तेरी वाहवाही

ओ चपल तू छलक ललक दे दांय

गौर से तौर देखे कहां तेरा गांव।


धीरेन्द्र सिंह

25.08.2025

21.00