बुधवार, 26 फ़रवरी 2025

शिवत्व

 उसी का महत्व है

जिसमे शिवत्व है

नीलकंठ कौशल

वही अस्तित्व है


मानवता श्रेष्ठ प्रेम

दूजे का कुशल क्षेम

स्व से सर्वभौम है

ऊर्जा प्रायः मौन है


प्रणय, प्रेम ही सतमार्ग

असत्य भी होते शब्दार्थ

शिव में शव कवित्व है

भस्म से जुड़ा निजत्व है


पीडाहरण भी स्वभाव 

क्रीड़ावरण भी निभाव

कर्मठता शिव घनत्व है

उसी का महत्व है।


धीरेन्द्र सिंह

27.02.2025

12.17