सोमवार, 2 नवंबर 2026

भोर

दृष्टि चाहिए वृष्टि प्यार की चहुंओर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर



अमावस सी रात व्यक्ति सोच आधारित
पूर्णिमा की आँच शक्ति ओज आपूरित
सब यहीं सबका यहीं पर ओर छोर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर

चुनौतियों कठिनाईयों से होता घायल
विपरीत हवाओं का होता वही कायल
आत्मबल से दबाता जाता जीवन शोर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर

ईश्वरीय अंश जीव ईश्वर को खोजता
मानव अमूल्य जन्म परम्परा से नोचता
फल की कामना ना देखे टहनियों के बौर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर।

धीरेन्द्र सिंह
03.11.2026
04.42

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