मजबूर कर रही हैं आपकी बातें
दिल झुक रहा है आपके नाते
हर पोस्ट आपकी भावना दर्शाती
क्या सोचती जाएं आप है बतलाती
कुछ कल्पना आपकी कुछ बीती बातें
दिल झुक रहा है आपके नाते
मन महक उठता है बहक उगता है
भावनाओं की भूख में चहक चुगता है
आप उभर उठती हैं संभावना बांधे
दिल झुक रहा है आपके नाते
आप क्या हैं किसकी हैं फर्क नहीं
जीवंत हृदय स्वामिनी हैं तर्क नहीं
बस आकर्षण आपका दिल मेरा साधे
दिल झुक रहा है आपके नाते।
धीरेन्द्र सिंह
22.09.2026
03.59
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