बुधवार, 30 सितंबर 2026

थपथपाहट

दर्द, कसमसाहट, छटपटाहट मिले आहट
जिंदगी ढूंढती प्यार यार की थपथपाहट



जग क्या है दूसरों के भावनाओं की चाहत
अकेला रहे व्यक्ति तो आसक्ति की गर्माहट
विलय होना क्या मानव मन की है नर्माहट
जिंदगी ढूंढती प्यार यार की थपथपाहट

किसी के होने मात्र से मन होता सुगंधित
क्या ऐसे रिश्ते सहज या होते हैं आयातित
किसी की चाह में होती क्यों है घबराहट
जिंदगी ढूंढती प्यार यार की थपथपाहट

सभी अपने जीवन को चाहें खूब सजाना
पर न आता सबको सही वक्त चाह जताना
मिला न मन भरा मिलन की है बड़बड़ाहट
जिंदगी ढूंढती प्यार यार की थपथपाहट।

धीरेन्द्र सिंह
01.10.2026
07.03


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