मंगलवार, 16 जून 2026
बांध दी चोटियाँ
भोर को मुट्ठी में पकड़ बांध दी चोटियां
सोमवार, 15 जून 2026
भ्रष्ट
देश भ्रष्ट है या कि समाज भ्रष्ट है
सोच की कहें या संस्कार नष्ट है
रविवार, 14 जून 2026
क्यों
ऑनलाइन समूह परिचित हो कामना नहीं
मैंने जो लिखा लोग सराहें यह याचना नहीं
क्यों भेजूं मित्र अनुरोध होता इसमें है क्षोभ
रचना है यदि आकर्षक प्रशंसक मांगना नहीं
शनिवार, 13 जून 2026
महुआ
महुआ सी चू गयी छाप पसरी मादकता
प्रभाव आपका या मन उड़ान अधिकता
सम्मोहन की होती अनेक परिभाषाएं भी
महुआ के प्रभाव में मिलती है बौद्धिकता
रविवार, 7 जून 2026
सुनो
सुनो कुछ लिखो तुमको पढ़ता रहूं
इश्क़ को खासकर मन में गढ़ता रहूं
शनिवार, 6 जून 2026
धुन
आज में डूबकर उम्र जीते रहें
अपनी धुन में ही रहा कीजिए
मुग्ध होकर कई सुन रहें आपको
जैसे कहते हैं अक्सर कहा कीजिए
शुक्रवार, 5 जून 2026
तथ्य
तथ्य मैला हो रहा है
सत्य बना है अनुभागी
कथ्य की सीमाएं निर्धारित
जीवन लगता बैरागी
बुधवार, 3 जून 2026
ब्लॉक भ्रम
याद आने के लिए अनुमति जरूरी नहीं
शुक्रवार, 29 मई 2026
बर्तन
बर्तन टकराते हैं
जब भी छुआ जाए
गुरुवार, 28 मई 2026
क्यों कीजिये
हर भाव में निभाव जतन कीजिये
दहन को वहन आप क्यों कीजिये
रविवार, 24 मई 2026
मचलता प्यार
जीवन एक नैया और यह उम्र है पतवार
एक हाँथ में दायित्व दूजे में मचलता प्यार
शुक्रवार, 22 मई 2026
बरकत अरोड़ा
बरकत अरोड़ा
एक नन्हीं परी
न जाने कहाँ से
है वह नृत्य भरी
रात्रि के 0.44 पर
लेखन चल पल घड़ी
प्रतिभा रोमांचित की
वरना मुझे क्या पड़ी
बालिका ईश्वर प्रदत्त गुण
हाव-भाव समाए खड़ी
संगीत बजे पैर चले
थम जाए सब घड़ी
अब और क्या लिखूं
वह अद्भुत अनंत कड़ी
कैसे निभाती वयस्क भाव
वीडियो है एक कड़ी।
धीरेन्द्र सिंह
23.05.2026
0.51
गुरुवार, 21 मई 2026
बदन की मस्तियाँ
खिल उठती हैं सूर्य सी नर्म रश्मियां
भोर में अलसाये बदन की मस्तियाँ
बुधवार, 20 मई 2026
मेलोडी
दो राष्ट्र प्रतिनिधियों की है हंसी ठिठोली
दोनों के नाम संयुक्त मिठास भरी मेलोडी
मंगलवार, 19 मई 2026
आपबीती
आपबीती इस कदर है
खुद को नहीं खबर है
बीत गया दौर वह भी
मन मचाता भी ग़दर है
जो सोचा ना मिला वह
जो मिला किसकी नजर है
कर्म अब तक लड़ रहा
भाग्य ही असली डगर है
स्वयं खंडित पर है मंडित
स्तंभित पूरा शहर है
है बहादुर जाए कहां दूर
कष्टमय लगता सफर है
जी रहे हैं लोग ऐसे
जीवन का ऐसा असर है
चाह कुछ होती नहीं है
जीता वही जिसमें सबर है।
धीरेन्द्र सिंह
20.05.2026
07.02
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रविवार, 17 मई 2026
चाँद बांटिए
चंद लोगों में अक्सर चाँद को बाँटिए
दिल की बेचैनियों को जगह चाहिए
आप यहां-वहां से उठा कहा कीजिए
जिंदादिली की भी कोई वजह चाहिए
शनिवार, 16 मई 2026
कुछ छूट रहा
एक मुस्कराती जिंदगी, कमाल है
एक गुनगुनाती जिंदगी, धमाल है
आपके शब्दों में है नटखट शरारत
एक सुगबुगाती रागिनी का ताल है
माटी 9
माटी 9 के प्रमुख मद
1. पंजीकरण व्यवस्थित था।
2. बैठने की व्यवस्था अच्छी थी।
3.रिकोर्डिन्द फोटोग्राफी अच्छी थी।
4. मंच के आरंभ में जिस पुरुष ने आरम्भ किया वह ठीक नहीं था। न कोई भूमिका न किसी प्रकार की पार्श्वभूमि बस बोलना वह भी तेज थोड़ी कर्कश आवाज।
5. महिला ने कवि सम्मेलन का आरंभिक चर्चा ठीक किन किंतु जल्द चली गईं। प्रभाव जो जमा सकती थीं नहीं हो सका।
6. जगदंबिका पाल और कृपाशंकर सिंह नेता के इर्द-गॉर्ड भीड़ बातें कर रही थी और मंच पर मुशायरा चल रहा था।
7. एक भी कवि अपना प्रभाव नहीं छोड़ सका न श्रोताओं से जुड़ सका। मुशायरा के अध्यक्ष ने रामायण पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए रामायण को कहानी बतलाया जो आपत्तिजनक था।
8. सच्चिदानंद काशी पर कम और अपनी पत्नी मालविका की चर्चा अधिक किए। काशी पर दो मिनट भी नहीं बोल पाए। सच्चिदानंद अपनी पुस्तक का लेख पढ़ रहे थे जो श्रोतागण में यह उत्सुकता नहीं जगा पाया कि ललक उत्पन्न हो। संस्मरण सुना रहे थे जो विषय के अनुरूप नहीं था।
9. सच्चिदानंद राजन-साजन मिश्र का काशी पर गीत की दो पंक्तियाँ गाये जो अच्छा प्रभाव डाला।
10. महिला ने अपने संचालन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए मालिनी अवस्थी का स्वागत किया।
11. 6.30 शाम को पुरुष संचालक ने अपना ड्रेस बदल कर अच्छी वेशभूषा में हो गया। मालिनी अवस्थी का गाना चल रहा था। पुलिस के बड़े अधिकारी आ-जा रहे थे। मुख्यमंत्री के आगमन का समय हो रहा था।
12. संचालिका जो बुंदेलखंड की थीं उन्होंने संचालन का अनुपम कौशल का प्रदर्शन किया। मालिनी अवस्थी के गायन समापन के बाद मुख्य मंत्री के आगमन में लगनेवाले समय में मंच से कुछ देर तक बातें की फिर मंच से नीचे उतरकर श्रोताओं संग संवाद उनके गायन आदि की सहभागिता सम्मिलित की।
13. राजनेताओं की तथा पुलिसकर्मियों की मुख्य मंत्री की अगवानी की मुस्तैदी और व्यस्तता को देखने के बाद बाहर निकल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर वाहन की प्रतीक्षा करने लगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री का काफिला आता दिखा और आगे एक मोटरसाइकिल संग कुल पांच कारें गुजरी। वहां मुस्तैद एक पुलिसकर्मी ने कहा कि काफिला में कम गाड़ियां हैं।
14. मुख्यमंत्री के आने के पहले रात्रि 8 बजे सभागार से बाहर निकल गया।







