मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

आरक्षण

आरक्षण, आरक्षण

जिसकी चर्चा प्रतिपल-प्रतिक्षण

सुरक्षित कुछ इसमें

कुछ कर रहे आक्रमण

आरक्षण -आरक्षण


संविधान ने बोली बोली

पहुंची ऊपर सर्वहारा टोली

यह भी प्रगति दौर रहा

अब आर्थिक पिछड़े, बोली गोली

करवट रहा बदल कण-कण


कर्म-धर्म-सत्कर्म कहते अपनी बात

विशिष्ट स्थान संग हो विशेष पहचान

यह कैसा बिहान का प्रण

अपना-अपना सबका रण

आरक्षण, आरक्षण


सीमाएं तोड़ रहा आरक्षण

नए पक्ष माँग रहे आरक्षण

क्रिकेट का खेल लोकप्रिय

खिलाड़ी को रखने का प्रण

आरक्षण-आरक्षण।


धीरेन्द्र सिंह

25.02.2026

10.20

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें