गलगोटिया विश्वविद्यालय का आतिथ्य है
रोबोट कुत्ता ऐसा जैसा हिंदी साहित्य है
मौलिकता की हो रही है भूख हड़ताल
नैतिकता की इसमें करे कौन पड़ताल
आवरण आकर्षक लगे क्षद्म व्यक्तित्व है
रोबोट कुत्ता ऐसा जैसा हिंदी साहित्य है
भूत-भविष्य नहीं वर्तमान की है बातें
हिंदी वाले समझें आग सा न इसे बांटे
चीन का रोबोट कुत्ता में क्या लालित्य है
रोबोट कुत्ता ऐसा जैसा हिंदी साहित्य है
सजता है मंच रहते बैठे कई हिंदी डॉक्टर
उबासी लेती पुस्तकों पर बातें तथ्य हटकर
बजती हैं थकी तालियां ऐसा ही कृतित्व है
रोबोट कुत्ता ऐसा जैसा हिंदी साहित्य है।
धीरेन्द्र सिंह
19.02.2026
08.15
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