गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

शस्त्र

शोषक और शोषित
इसी से जग पोषित



मानव का इतिहास
युद्ध, संघर्ष की बात
असत्य है नहीं रोपित
इसी से जग पोषित

कर्म और भाग्य लड़ें
उदाहरण हैं कई पड़े
कर्म रथ होता भूपति
इसी से जग पोषित

शस्त्र ही में शास्त्र है
शास्त्र शस्त्र क्षात्र है
शस्त्र विहीन शोषित
इसी से जग पोषित

कोई भी नहीं निहत्था
भ्रमित करते हैं जत्था
सौम्य रहें लगे रोषित
इसी से जग पोषित।

धीरेन्द्र सिंह
16.10.2026
06.09

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें