सोमवार, 13 जुलाई 2026

बस प्यार

आपकी परिभाषा कुछ हो पर प्यार है बस प्यार
नयनों का मस्तूल है, हृदय-हृदय सुधि पतवार




वासना से लेकर प्यार जापना का ही चलन है
जिसका जैसा परिवेश वैसा प्यार का नमन है
युक्तियां सारी आजमाइए अभ्युक्तियाँ दे प्यार
नयनों का मस्तूल है, हृदय-हृदय  सुधि पतवार

हर हृदय में हार सुगंधित भावनाओं के पुष्प
किसको पहनाता, रिझाता बात तो यह गुप्त
चेतना में प्यार मुखर तो हावभाव में झंकार
नयनों का मस्तूल है, हृदय-हृदय सुधि पतवार

आपकी परिभाषा में जुड़ गई मन की आशा
मन से मन को जोड़कर पूर्ण करें हम जिज्ञासा
मैं तो स्पष्ट लिख चुका कहिए क्या है इकरार
नयनों का मस्तूल है, हृदय-हृदय सुधि पतवार।

धीरेन्द्र सिंह
14.07.2026
07.51

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