सोमवार, 2 नवंबर 2026

जानी-जानी

"इस घड़े से लोटा निकाल के"
यह भाव है कितने सवाल के



कई वीडियो में यही बसे बानी
"जानी-जानी पिला दे पानी"
शराब लुप्त घड़ा बवाल के
यह भाव है कितने सवाल के

संगीत शक्ति से शब्द खिलते
गायन बुद्धि से भाव मचलते
द्विअर्थी लेखन विरोध बवाल के
यह भाव है कितने सवाल के

भोजपुरी लेखन का है प्रभाव
टपोरी लेखन का वीडियो निभाव
सब ज़मझें साहित्य रुग्ण हाल के
यह भाव है कितने सवाल के।

धीरेन्द्र सिंह
03.11.2026
11.00

भोर

दृष्टि चाहिए वृष्टि प्यार की चहुंओर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर



अमावस सी रात व्यक्ति सोच आधारित
पूर्णिमा की आँच शक्ति ओज आपूरित
सब यहीं सबका यहीं पर ओर छोर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर

चुनौतियों कठिनाईयों से होता घायल
विपरीत हवाओं का होता वही कायल
आत्मबल से दबाता जाता जीवन शोर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर

ईश्वरीय अंश जीव ईश्वर को खोजता
मानव अमूल्य जन्म परम्परा से नोचता
फल की कामना ना देखे टहनियों के बौर
मन की स्थिति ही लाती जीवन भोर।

धीरेन्द्र सिंह
03.11.2026
04.42

रविवार, 1 नवंबर 2026

चलो न

चलो न प्रकृति द्वार मिल श्रृंगार करेंगे
चेतना के चमन का मिल पुकार करेंगे

एकल नहीं कुछ संभव द्वय का दरकार
युग्म ही जीवन सुगंधमय हो हर द्वार
रंगबिरंगे भावनाओं में चमत्कार करेंगे
चेतना के चमन का मिल पुकार करेंगे

एक ढर्रे पर जीवन जीने के अभ्यस्त
प्रतिदिन वही कार्य कहते सब हैं व्यस्त
निर्धारित राहों का मिल परिष्कार करेंगे
चेतना के चमन का मिल पुकार करेंगे

अनेक पक्ष अमावस्या के प्रभाव से ग्रसित
सुख-सुविधा सभी पर आत्मा कहीं ग्रसित
शुद्ध आत्मा तक पहुंचकर अभिसार करेंगे
चेतना के चमन का मिल पुकार करेंगे।

धीरेन्द्र सिंह
02.11.2026
05.03