साकार है ईश्वर है या कि निराकार
हिंदी का सजता है इसीलिए दरबार
संविधान ने हिंदी को ईश्वर बना दिया
विधि का पहना चोला सत्ता दिखा दिया
सरकारी कामकाज में हिंदी है हाहाकार
हिंदी का सजता है इसीलिए दरबार
सरकार तो कहे पर सरकारी संस्थाएं
हिंदी में पद बढ़ाएं पर न हिंदी बढ़ पाए
हिंदी की प्रगति बस हिंदी के पुरस्कार
हिंदी का सजता है इसीलिए दरबार
संघ की राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित
सह-राजभाषा रूप में अंग्रेजी है स्थित
सह-राजभाषा का कामकाज में झंकार
हिंदी का सजता है इसीलिए दरबार
राजभाषा के जुझारू लोगो की जय हो
देवनागरी लिपि जीवित रहे विजय हो
गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग करे हुंकार
हिंदी का सजता है इसीलिए दरबार।
धीरेन्द्र सिंह
14.09.2026
04.46
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