शनिवार, 13 जून 2026

महुआ

महुआ सी चू गयी आप पसरी मादकता
प्रभाव आपका या मन उड़ान अधिकता
सम्मोहन की होती अनेक परिभाषाएं भी
महुआ के प्रभाव में मिलती है बौद्धिकता






चिहुंका था मन पाकर महुआ का वह गंध
प्रस्फुटित चेतना में भाव कहे तर्क लगे दंग
महुआ की धरा से गुरुत्वाकर्षण की समीपता
महुआ के प्रभाव में मिलती है बौद्धिकता

आदिवासियों से अतिवादियों तक है बड़ी चमक
चेतना के तारों को करती झंकृत है तड़ी धमक
सत्य हो निगाह की या भाव की यह यांत्रिकता
महुआ के प्रभाव में मिलती है बौद्धिकता

इसी पेड़ पर या किसी मेड़ पर चू जाता है महुवा
राह को प्रदीप्त कर विक्षिप्तता मिटाता है महुवा
आप महुवा हैं हर लेती दर्द, विषाद की मौलिकता
महुआ के प्रभाव में मिलती है बौद्धिकता।

धीरेन्द्र सिंह
13.06.2026
22.03



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