भावनाओं के पुष्पों से, हर मन है सिजता
अभिव्यक्ति की डोर पर, हर मन है निजता
शब्दों की अमराई में, भावों की तरूणाई है
दिल की लिखी रूबाई में,एक तड़पन है निज़ता।
भावनाओं के पुष्पों से, हर मन है सिजता
अभिव्यक्ति की डोर पर, हर मन है निजता
शब्दों की अमराई में, भावों की तरूणाई है
दिल की लिखी रूबाई में,एक तड़पन है निज़ता।
Nijatata काव्य
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गुरुवार, 2 जुलाई 2026
एडमिन-मॉडरेटर
हिंदी के कई समूह लिए कई चक्रव्यूह एडमिन, मॉडरेटर नित बनाते नए व्यूह
समूह सदस्य संख्या अधिक पोस्ट कम टिप्पणियां गिनी-चुनी लाइक भी बेदम समूह संचालन अति कठिन चिंतित रह एडमिन, मॉडरेटर नित बनाते नए व्यूह
नया चलन शुरू हुआ सदस्यों को रिझाना पोस्ट ऐसी हो जिसे पढ़ कामना उभर जाना यह श्रम है समर्पण है चमकाना समूह मुहँ एडमिन, मॉडरेटर नित बनाते नए व्यूह
कॉपी पेस्ट पर हैं जीवित कई हिंदी समूह मौलिकता कहां से लाएं सदस्य सुप्त ऊंघ कितनी करूँ प्रशंसा आसान कार्य नहीं समूह एडमिन, मॉडरेटर नित बनाते नए व्यूह।
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