निज़ता
भावनाओं के पुष्पों से, हर मन है सिजता अभिव्यक्ति की डोर पर, हर मन है निजता शब्दों की अमराई में, भावों की तरूणाई है दिल की लिखी रूबाई में,एक तड़पन है निज़ता।
Nijatata काव्य
▼
रविवार, 7 जून 2026
शनिवार, 6 जून 2026
शुक्रवार, 5 जून 2026
बुधवार, 3 जून 2026
शुक्रवार, 29 मई 2026
गुरुवार, 28 मई 2026