Nijatata काव्य

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शनिवार, 26 सितंबर 2026

कौन किससे

कौन किससे निबद्ध है कहाँ कैसे आबद्ध है
यह चतुराई का संपर्क है या व्यक्ति प्रारब्ध है



यह मुझे सहयोग दे वह पूर्ण अपना समर्थन

सुविधा लाभ मिला करे होता रहे आवर्तन

आदर्श, सिद्धांत, नैतिकता लगता स्तब्ध है

यह चतुराई का संपर्क है या व्यक्ति प्रारब्ध है


अधिकांश पढ़ते रहते अपने धर्म की पुस्तक

सारांश तक झलके नहीं कामनाओं की दस्तक

धर्म भाव सब एक कहें इसपर चर्चा निःशब्द है

यह चतुराई का संपर्क है या व्यक्ति प्रारब्ध है


विपक्ष, विरोध हंगामे का प्रयोग सब उपद्रव

भौतिकता की चमक-दमक फिर भी पराभव

अंतर्मन की ज्योति बुझ रही गुट लयबद्ध है

यह चतुराई का संपर्क है या व्यक्ति प्रारब्ध है।


धीरेन्द्र सिंह

27.09.2026

08.25

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